बदले की आग-5

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बदले की आग-5

अब तक आपने इस कहानी में पढ़ा था कि मेरी मातहत और भरोसे की लड़की ने मेरी सास को अपनी बातों के जाल में उलझा कर ये समझना चाहा था कि उसकी चूत को लंड की जरूरत होती है.
अब आगे..

मेरी सास ने पूछा- मगर किसी को कुछ पता तो नहीं लगेगा. वरना मैं किसी को मुँह दिखाने के लायक नहीं रहूँगी. वो क्या है न, मेरी लड़की शादी के लायक है.
उस लड़की ने बड़ी बिंदास भाषा में कहा- अरे कुछ नहीं मालूम चलेगा, मैं खुद सप्ताह में दो तीन लंडों को अपनी चूत में घुसवा लेती हूँ और जिंदगी के पूरे मज़े लेती हूँ. आप चिंता ना करें, मैं आपको चुदवाने से पहले आपके सामने खुद ही चुदूँगी.. जिससे आपका हौसला बढ़ जाएगा. मगर फिर भी आपका दिल ना करे तो मना कर देना.

इस तरह से मेरी सास जाल में फँस गई.

दो तीन दिनों बाद उस लड़की ने, जिसका नाम मनोरमा था, ने कहा- गीता जी (मेरी सास) आज आप मेरे साथ चलना, आपको दिखाऊंगी कि कैसे मज़े लिए जाते हैं.

गीता को लेकर मनोरमा 4 बजे ही ऑफिस से निकल कर किसी के घर जा पहुँची. वहाँ चालीस की उम्र का एक आदमी था. उसके पास बैठ कर कुछ इधर उधर की बातें करने के बाद मनोरमा उससे बोली- यह हमारी नई चिड़िया है.. मगर इसे नहीं पता कि हम लोग यहां क्या करते हैं. इसलिए इसे आज प्रॅक्टिकल दिखाने के लिए लेकर आई हूँ.

उस आदमी ने गीता की तरफ देखा और बोला- हूँ.. चलो फिर तैयारी करो.

अब हम तीनों एक कमरे में चले गए. उधर पर एक बेड पड़ा था. वहाँ जा कर मनोरमा और वो आदमी दोनों नंगे हो कर एक दूसरे को चूमने चाटने लग गए. गीता यह सब देखकर अपनी चूत पर हाथ रख कर बैठ गई. क्योंकि वो यह सब जानती थी, मगर अब इन सब कामों से वंचित थी. उन दोनों ने एक दूसरे की चूत और लंड को चूसना शुरू कर दिया और फिर उस आदमी ने भी मनोरमा के मम्मों का बुरा हाल करना शुरू कर दिया.

जब यह सब काम हो गया तो उसने चूत में लंड डाल कर धक्के मारने शुरू कर दिए और हर धक्के का जवाब भी धक्के से मनोरमा अपनी चूत उछाल कर दे रही थी.

यह सब देख कर गीता पूरी गरम होती जा रही थी. मगर वो कुछ भी बोली नहीं क्योंकि वो बोलने लायक अभी नहीं हो सकी थी. जब पूरी तरह से मनोरमा की चुदाई हो चुकी तो वो अपने चोदू से बोली- अब मैं जा सकती हूँ सरकार.

वो बोला- ठीक है.. यह लो अपने 5000 लेती जाओ, ये आज की चुदाई की फीस है.
बाहर आ कर उस आदमी ने गीता को चोदने की निगाहों से देखते हुए कहा- अगर आप भी कुछ करवाना चाहो तो आ जाओ.
मगर मनोरमा ने कहा- अभी नहीं, ये बाद में बता पाएगी.. इसे सोचने का समय चाहिए.
उसने लंड सहलाते हुए कहा- ठीक है.. अगर दिल करे तो आ जाना. मैं आपको एक बार करने के लिए 3000 की फीस दूँगा और अगर पूरी रात रहोगी तो 7000 दूँगा.
मनोरमा ने कहा कि वो सोच कर बताएगी. इतनी जल्दी कुछ नहीं कहा जा सकता.

बाहर आकर गीता बोली- इतनी बड़ी रकम उसने आपको एक बार के लिए ही दे दी.
मनोरमा ने कहा- अगर एक रात उसके पास रह कर चुदवा लोगी तो चूत का क्या घिस जाएगा, वो तो चुदने के बाद वापिस फिर वैसी की वैसी ही रहेगी मगर पैसे पूरे मिल जाएंगे. अगर चाहो तो मैं उससे कह कर कुछ रकम बढ़वा भी सकती हूँ.
गीता ने कहा- मुझे सिर्फ़ डर लगता है कि कहीं किसी को पता ना लग जाए, वैसे यह काम बढ़िया है, मज़े के मज़े और पैसे के पैसे भी.

मनोरमा ने गीता से कहा कि अगर हम लोग डर डर कर जीते रहेंगे, तो कुछ भी नहीं कर सकते. अब तुम पर ही निर्भर है. अपनी जिंदगी को अपनी मर्ज़ी से जीना है और मज़े लेकर जीना है और साथ में पैसे भी कमाने है.. तो वो रास्ता चूत से हो कर ही जाता है, इसका इस्तेमाल करो या ना करो. मैं कर रही हूँ और करती रहूंगी. अगर दिल करे तो एक दो बार और मेरी चुदाई देख लेना इससे तुम्हारा हौसला बढ़ जाएगा.
उसको शायद यह बात पसंद आ गई और बोली- अगर आपकी चुदाई में रात को देर ना लगे तो मैं आपके साथ चलूंगी.
मनोरमा ने उससे कहा- जब भी दिन के टाइम का रखूंगी तो तुमको बोल दूँगी.

फिर मनोरमा ने अपनी चुदाई के लिए जानबूझ कर दिन का समय ही चुना और उसे अपने साथ ले जाती रही.

रास्ते भर उसको चुत की महिमा का गुणगान सुनाती रही. इसका असर यह हुआ कि दो तीन चुदाइयां देख कर ही उसकी भूखी चूत को कुछ ज़्यादा ही भूख लगने लगी.
वो कहने लगी- मैडम जी अब नहीं रहा जाता. मैं भी आपके साथ चुदवा लूँगी.
मनोरमा ने उससे कहा- देखो, जब मेरे साथ रहोगी तो तुम्हारी चुत की कीमत मुझसे आधी ही होगी. इसलिए मैं नहीं चाहती कि तुम्हारी चूत कीमत कोई कम करे.
उसने कहा- आप ठीक कह रही हैं.

मनोरमा ने उससे पूछा- बोलो कब कर प्रोग्राम बनाना है.. सारी रात का या एक चुदाई का ही?
वो बोली- सारी रात के लिए घर पर क्या बोलूँगी?
मनोरमा ने उससे कहा- उसकी तुम फिकर ना करो. वो सब मैं संभाल लूँगी.
फिर गीता ने पूछा कि सारी रात को एक ही करेगा या कोई और भी होगा?
उसने कहा- अगर कोई और हुआ तो पैसे भी ज़्यादा मिलेंगे.
“कितने?”
“अगर एक हुआ तो 4000 और अगर दो हुए तो 6000.. बोलो क्या बोलती हो. मुझे कल सुबह जवाब दे देना क्योंकि अगर मैंने फिक्स कर दिया तो बहुत मुश्किल होगा.. फिर पीछे हटना. वरना तुम एक चुदाई के लिए हां करो.”

मगर गीता की आँखों में छह हजार नज़र आ रहे थे. वो बोली- मैं सारी रात के लिए चलूंगी मगर मुझे बताओ कि घर पर क्या बोलना होगा?
मनोरमा ने उससे कहा- ठीक है मैं तुमको कल एक लैटर दूँगी, जिस पर लिखा होगा कि तुमको किसी विशेष काम के लिए एक दिन के लिए बाहर जाना है, इसके लिए कंपनी तुमको पांच सौ रूपए और रहने का कमरा देगी. यह तुम घर पर दिखा देना और बाकी की तैयारी मैं यहाँ पर करवा दूँगी. और हां सुनो.. कल आने से पहले अपनी चूत की झांटों और बगल के बालों को पूरी तरह से साफ़ करके आना.

फिर उसको एक हेयर रिमूवर क्रीम की शीशी देकर कहा कि इस क्रीम को चूत के बालों पर लगा कर दस मिनट रखना, फिर किसी साफ़ कपड़े से साफ़ करके अच्छी तरह से वॉश कर लेना. उसके बाद तुम्हारी चूत सोलह साल वाली चूत लगेगी.

खैर.. वो कुछ नहीं बोली मगर क्रीम की शीशी को अपने बैग में रख कर ले गई. अगले दिन मैंने उसे लेटर दे दिया जैसा कि उसको बोला था.

फिर मनोरमा ने उससे कहा- जरा मुझे अपनी चूत का इंस्पेक्शन कराओ. वो कुछ झिझकने लगी और कहने लगी कि शरम आती है.
मनोरमा ने उससे कहा कि शरम को अब अपनी चुत के अन्दर घुसा दो. मुझे तो तुमने चुदवाते हुए देखा ही है. फिर मुझसे किस बात की शरम है? जब रात को लड़के नंगी करवा के चूत को खोल खोल कर देखेंगे तब अगर ज़रा भी शरम की तो पैसे भी नहीं देंगे और गांड पर लात मार कर बाहर का रास्ता दिखा देंगे. इस धंधे में शरम नाम की कोई चीज़ नहीं होती गीता जी, यह हमेशा के लिए अपने दिमाग में बिठा लो.

यह कहते हुए उसकी सलवार का नाड़ा मनोरमा ने खोल दिया और बोली कि इसे नीचे करो और कमीज़ को ऊपर करो.

उसने किया तो मनोरमा ने देखा कि उसने चूत पूरी तरह से सफाचट की हुई थी.

उसने कहा- हां, अब यह चूत लंडों के बाज़ार में चलेगी. आज यह लैटर घर पर दिखा देना और कल रात के लिए मैं तुम्हें फिक्स कर दूँगी. अभी आधा घंटे के बाद तुम मेरे पास आना और तब दरवाजा बंद कर देना. मैं तुम्हें लंड खड़ा करने के तरीके बता दूँगी.

वो जब मनोरमा के कमरे में वापिस आई, तो उसने गीता से कहा- पूरी नंगी हो जाओ.
गीता के साथ मनोरमा भी वहाँ नगी हो गई. फिर उसने बोला- जो जो मैं करूँ, तुम भी उसी तरह से करना.

मनोरमा ने चुत की पंखुड़ियों को खोल कर दिखाना शुरू किया और गीता से कहा कि ऐसे करने से लंड में खून खौलने लगता है.. और वो खड़ा होना शुरू हो जाता है. फिर मनोरमा अपना पेट हिला हिला कर चुत को आगे पीछे करने लगी.
साथ ही मनोरमा ने उससे कहा- यह समझ लो कि तुम ये सब किसी लड़के के सामने कर रही हो.

फिर मनोरमा ने गीता को एक डिल्डो अपनी चुत पर बाँधते हुए कहा- इसको चूसना शुरू करो. अब यह समझ लो कि मैं एक लड़का हूँ और तुम उसके लंड को अपने मुँह में लेकर चूस रही हो.. और हां सबसे पहले लंड के सुपारे को नीचे करके उसको अपनी जुबान से बिना मुँह में लिए चूसना.

इस तरह से मनोरमा गीता को एक घंटे तक ट्रेनिंग देकर बोली कि अब यह सब याद रखना.. अगर लंडों की जेब से अधिक से अधिक पैसे निकलवाने हों तो ऐसा ही करना पड़ेगा.

शाम को गीता को आई तो उसको एक लड़के के साथ भेज दिया. जिसको मैंने पहले से ही बुला रखा था. उसको अच्छी तरह से समझा दिया था कि इसकी 4 लड़कों से अच्छी तरह से चुदाई करवा दो. और हर चुदाई की पूरी फिल्म इस तरह बना लेना कि उसे नहीं पता लगना चाहिए.
उससे बोलना कि नंगी होकर अच्छी तरह से डांस करे, उसकी भी फिल्म बननी चाहिए. सब लंडों का माल इसकी चुत में ही जाना चाहिए. वो बोले भी तो भी बाहर नहीं निकलना चाहिए. वो गिड़गिड़ाएगी कि मुझ पर रहम करो अगर बच्चा ठहर गया तो क्या होगा मेरा.. मगर तुम उसको अनसुना करके बोलना कि पैसे दिए हैं तो पूरा मज़ा लेंगे ही. मज़ा तब तक नहीं आता जब तक लंड का पानी चुत में ना जाए. ज़्यादा चिल्लाओ नहीं.. वरना रोने के पैसे काट लेंगे भैन की लौड़ी.. तुम्हें दस हजार का वायदा किया है वो तुम्हें हम अभी दे देते हैं.. रख लो रंडी.. इसको अपने पर्स में और चुत चुदवा आराम से.. बिना कुछ बोले. इसी तरह से उसको धमका कर चोदना.. आखिरी बार उसके हाथ और पैर चौड़े कर के बाँध कर चोदना. इतना टाईटली बाँधना कि वो सिवाए चुत को छोड़ कर कुछ भी ना हिला सके. इस आखिरी चुदाई से वो चुदाई के बाद लंगड़ा के चलेगी. उसके बाद बोलना चल रंडी निकल यहाँ से.. तुम्हें पूरे पैसे दे दिए हैं अब दफ़ा हो जा साली रंडी. मतलब पूरी तरह से जलील करके उसको भगा देना.

उस लड़के ने मेरी पूरी बात सुनकर हां में सर हिलाया और गीता को किसी गेस्ट हाउस में ले गया.

उधर जाकर वो बोला- थोड़ी देर वेट करो. अगर चाहो तो तुम तब तक कोल्ड ड्रिंक ले लो.

उस लड़के ने मेरी स्कीम के तहत कोल्ड ड्रिंक के नाम पर उसे शराब मिला कर पिला दी. वो समझती रही कि वो कोका कोला पी रही है और उसने कोकाकोला के चक्कर में पूरा पौवा पी लिया. अब उसको कुछ कुछ नशा चढ़ने लग गया था. वो बोलने लगी- यार गर्मी बहुत लग रही है.

वो लड़का बोला- कहाँ गर्मी है आपको गर्मी चढ़ी हुई है. अगर ज्यादा गर्मी लग रही हो.. तो कुछ कपड़े उतार लो और कुछ देर आराम कर लो.

उसने सलवार कमीज़ उतार दी. कुछ देर बाद उस कमरे में चार लौंडे आ गए. उनके लंड तो पहले से ही खड़े हुए थे. उन्हें देख कर वो नशे की हालत में भी बोली- चार चार हो.. इतने मैं नहीं झेल पाऊंगी.
उनमें से एक ने कहा- कोई बात नहीं हम तुमको पूरे दस हजार रुपए देंगे, जिसका हमने वायदा किया है.

उन्होंने दस हजार रूपए गीता के हाथ में रख दिए और बोले- लो रख लो अपने पर्स में और अब जो बाकी के बचे हुए कपड़े हैं.. उन्हें भी उतार दो.

बिना कुछ सुने उसने रूपए गिनना शुरू कर दिए. तब एक लड़के ने कहा- अगर एक भी नोट कम हुआ तो हम तुमको जितने कम होंगे, उसके दस गुना देंगे. लेकिन गीता ने जब पूरे रूपए गिन लिए तो उसने अपने पर्स में रख लिए. इसके बाद उसने जो बचे खुचे कपड़े शरीर पर थे, उन्हें भी उतार दिए. वो पूरी नंगी हो गई.

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pchoprap000@gmail.com
मेरी ये सच्ची चुदाई की कहानी जारी है.


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