बदले की आग-7

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बदले की आग-7

अब तक आपने पढ़ा कि गीता को इस बात की चिंता हो गई थी कि वो चुदाई के कारण माँ बनने वाली है. उसके इसी भय के चलते उसको एक फर्जी डॉक्टर के पास ले जाया गया जो उसकी चुत के साथ खिलवाड़ करते हुए उसकी वीडियो बनाने लगा.
अब आगे..

यह सब करने के बाद बोला कि लगता तो नहीं है कि कोई बच्चा है, मगर जब तक तुम्हारा महीना शुरू ना हो जाए तब तक इतनी जल्दी से कुछ नहीं कहा जा सकता.
गीता ने डॉक्टर से कहा कि उसका महीना आज शुरू होना था, जो नहीं हुआ.
डॉक्टर ने कहा- डरो नहीं कई बार कुछ दिन ऊपर नीचे हो जाते हैं. तुम अपने पति को मेरे पास भेज़ो, मैं उसे बताऊंगा कि वो तुमको रोज़ 3-4 बार चोदे और किस तरह से चोदे. अगर कुछ डर भी होगा तो वो भी निकल जाएगा और महीना शुरू हो जाएगा.

गीता चुपचाप सुनती रही.

फिर वो डॉक्टर मनोरमा से बोला- आप इनको एक सप्ताह बाद फिर से लाइएगा मैं दुबारा चैकअप करूँगा.
मनोरमा ने उससे कहा- ठीक है, मैं इसके पति को आपके पास भेज दूँगी. आप की फीस?
तो वो बोला- बस 1500.. क्योंकि इसमें सचाई को छुपाने की भी फीस शामिल है. मनोरमा ने उसके सामने उसको फीस दे और बाहर आ कर बोली- तुम अभी घर जाओ और कल आराम से बैठ कर इस पर चर्चा करेंगे. क्योंकि तुमको अभी देर हो चुकी है.

फिर मनोरमा ने एक ऑटो ले कर उसे किराए के पैसे देकर कहा- यह तुम्हें समय रहते हुए घर पहुँचा देगा.
अगले दिन वो मनोरमा के पास आकर बोली- मुझे पूरी रात नींद नहीं आई.. मैं क्या करूँ?
मनोरमा ने कहा- क्यों रो रही हो.. हम लोगों की जिंदगी में यह सब आम बात है. इससे अगर घबरा गईं, तो फिर कुछ नहीं कर पाओगी. मैंने भी कई बार ऐसा समय देखा है.
यह सुन कर उसे कुछ तसल्ली हो गई. फिर बोली- मगर मैं डॉक्टर से मिलाने के लिए अपना पति कहाँ से लाऊं?

मनोरमा ने उससे कहा- घबराओ मत.. मैंने सब अरेंज कर लिया है. तुम्हारा पति तुम्हें चोदेगा भी और पैसे भी देगा.
उसने एक लंबे और मोटे लंड को चुना था जिससे गीता की चुत खूब चुदे. उसे पूरी तरह से समझाया जा चुका था कि उसको क्या क्या करना है.

शाम को उसे बुला कर गीता से मिलवा दिया और बोला कि तुम दोनों अब पति पत्नी बन कर उस डॉक्टर के पास जाओ. जाने से पहले गीता यह भी सुनती जाओ कि यह तुम्हारा पति ही रहेगा एक सप्ताह के लिए और तुमको पूरा खर्चा पानी देगा, तुम्हारी चुत में अपना लंड डालने के लिए.
मनोरमा ने गीता तो 500 रूपए दिए और बोली कि डॉक्टर की फीस रख लो, अगर माँगे तो दे देना वरना उसको कल दे ही दिए थे.

अपने नकली पति के साथ वो नकली डॉक्टर के पास जब गई तो वो किसी और लड़की को नंगी किए हुए चोद रहा था. उसे पता था कि गीता आने वाली है इसलिए बिना किसी झिझक के उसने उन दोनों को अन्दर बुला लिया और अपनी चुदाई जारी रखी.

उन्हें देख कर वो बोला- यह बेचारी किसी लड़के से फंस गई है और मैं इसका वही इलाज़ कर रहा हूँ, जो तुम दोनों को आपस में करना है. अच्छी तरह से देख लो, क्या क्या करना होता है.

नकली डॉक्टर उस लड़की को घोड़ी बना कर चोद रहा था. जब अच्छी तरह से उसकी चुदाई कर चुका तो बोला- जाओ चूत वॉश करके आओ. जब वॉश करके आ गई.. तो वो बोला- दिखाओ चुत को फैला कर?
जैसे ही उसने चुत आगे की उसने झट से अपना मुँह उस पर मारना शुरू कर दिया. फिर कुछ देर बाद बोला- तुम भी मेरे लंड को चूसो और जैसे ही खड़ा हो जाए.. इस पर चढ़ कर कूदो.

फिर डॉक्टर हमारी तरफ देख कर बोला- देख लिया ना.. अब यही काम तुम दोनों को दिन में कम से कम तीन बार करना है. अब जाइये और एक सप्ताह के बाद अपनी चुत का निरीक्षण करवाने आइएगा.

वो दोनों बाहर आ गए. तब वो लड़का बोला- बोलिए अब क्या करना है और कहाँ पर चलना है?
गीता ने कहा- जो करना है वो तो पता लग चुका है.. मगर कहाँ करना है, ये मैं नहीं बता सकती क्योंकि मेरे पास कोई भी जगह नहीं है.
उसने कहा- मेरे घर पर चलो, वहाँ मैं अकेला ही रहता हूँ. मैं सबको बता दूँगा कि मेरी बहन कुछ दिनों के लिए यहाँ आई है.
गीता बोली- मैं घर पर क्या बताऊंगी कि मैं कुछ दिनों तक बाहर रहूंगी.

उस लड़के ने मनोरमा से कहा कि गीता को समझाए कि वो क्या क्या कह सकती है.
मनोरमा ने गीता को समझा कर कहा कि अपने घर पर फोन कर दो कि मैं एक सप्ताह के लिए कम्पनी के काम से बाहर जा रही हूँ.

अपने घर फोन पर यह कह कर गीता उस लड़के के साथ चली गई. उसे वो घर पर ले गया और उसकी अब जबरदस्त चुदाई करने लगा. डॉक्टर की 3 बार चोदने की सलाह पर वो तो गीता को दिन में 5-5 चोदने लगा. हर चुदाई की फिल्म साथ साथ बनती जा रही थी. उस लड़के का लंड मोटा और लंबा भी था, जिससे गीता की चुत की खुजली पूरी तरह से मिट जाती थी.

अब उसने गीता को पूरी चुदक्कड़ बना दिया, जिससे गीता को हर समय लंड अपनी चुत में घुसा दिखता था.

एक सप्ताह बाद गीता को फिर से डॉक्टर के पास भेजा मगर अबकी बार मनोरमा बोली कि तुम उस डॉक्टर को जानती हो.. अकेली चली जाओ, मैं उसको फोन कर दूंगी.

गीता डॉक्टर के पास गई तो उसने कहा- तुम बैठो मैं ज़रा एक दो मरीजों को देख लूँ.. फिर पूरी तसल्ली से तुमको देखूँगा. डॉक्टर को मैंने कह दिया था कि उससे 1000 रूपए फीस के माँगना, वो नहीं दे पाएगी. तब उससे बोलना फिर अपनी चुत को चुदवाओ.

जब वहाँ पर से सभी लोग चले गए तो उस डॉक्टर ने गीता को अन्दर बुला कर बोला- कपड़े उतार कर लेट जाओ.
गीता ने उससे कहा कि मुझे माहवारी हुई है या नहीं, मैं नहीं कह सकती क्योंकि खून तो आया था मगर बहुत कम.
डॉक्टर ने कहा- कोई बात नहीं आई, एक सप्ताह मुझसे इलाज़ करवाओ, तुम्हारा पति ठीक से चुदाई नहीं कर पाया होगा.

डॉक्टर का लंड पूरा 8 इंच लंबा था, वो लंड दिखाते हुए बोला- इससे अब तुम्हारा इलाज़ होगा.

बस उसने लेटी हुई गीता की चूत में अपना वो मूसल पेल दिया और बोला- तुम्हें कोई फीस देने की ज़रूरत नहीं है बस तुम रोज़ शाम को एक बार आ कर मुझसे यही इलाज़ करवा जाया करो.
हफ्ते के आखिरी दिन वो बोला कि कल जल्दी आना क्योंकि मुझे कहीं जाना है. गीता जैसे ही उसके दवाखाने में पहुँची तो उसने कहा- बैठो, मैं अभी आता हूँ.

यह कह कर वो डॉक्टर बाहर चला गया और बाहर से अपनी दुकान को बंद कर गया. कुछ देर बाद पिछले दरवाजे से 2 लड़के आए तो उन्होंने अपने खड़े हुए लंड पेंट से बाहर निकाले हुए थे. वे बोले कि डॉक्टर बहनचोद साला कुछ नहीं जानता है, हम आज तुम्हारा असली इलाज़ करेंगे.

उनमें से एक ने गीता की गांड में पूरा लंड डाल दिया. लंड डालने से पहले उसने गीता की गांड में बहुत से क्रीम लगा दी थी ताकि लंड आराम से फिसल जाए मगर फिर बे बहुत मुश्किल से गांड में घुसा. जैसे ही उसका लंड गांड में घुसा तो दूसरे ने अपना लंड आगे से चुत में घुसा दिया. अब दोनों ने सैंडविच चुदाई शुरू कर दी. वे दोनों एक साथ धक्के मार मार कर चुत और गांड की हालत खराब कर रहे थे. गीता हाथ जोड़ रही थी कि आह.. दर्द हो रहा है.. निकालो इनको..

मगर वहाँ उसकी सुनने वाला कोई नहीं था. करीब15 मिनट की चुदाई के बाद उन दोनों ने छोड़ा मगर जब छोड़ा तो गीता की चुत से खून बहना शुरू हो गया. चुत से खून जब निकलना शुरू हुआ तो गीता की ख़ुशी का ठिकाना ना रहा.

उसे अब पता लग गया था कि वो अब माँ नहीं बनेगी. वो चुदाई का सारा दर्द भूल गई और बहुत खुश थी कि उसकी चिंता जो कई दिनों से उसको खाए जा रही थी, अब ख़त्म हो गई.
वो लड़के भी चोद कर जल्दी से भाग गए. उन्होंने सोचा था कि इसकी चुत या गांड में कुछ फट गया है.

गीता कुछ देर आराम करने के बाद पिछले दरवाजे से ही बाहर निकली तो देखा कि डॉक्टर किसी से बात कर रहा था. उसे बाद में पता लगा कि वो उन लड़कों को ब्लैकमेल कर रहा था कि जल्दी से पैसे निकालो वरना में पुलिस बुलाता हूँ कि तुम लोगों ने एक मासूम का *** कर दिया है.

खैर गीता ये सब देखकर वहाँ से वापिस आ गई.

इधर ये सब जान जाने के बाद अब मुझे भी गीता में कोई इंटरेस्ट नहीं रह गया था. बल्कि अब मुझे उसके बेटे से पूरा और असली बदला लेना था. मैंने इसके लिए मनोरमा को समझाया कि वो गीता को या बोले.

अगले दिन मनोरमा ने गीता से पूछा- तुम्हारे घर पर कौन कौन है?
उसने बताया कि उसके बेटी है, जो कभी यहाँ पर काम करती थी मगर अब किसी दूसरी जगह काम करती है. एक बेटा है, जो कुछ नहीं करता. वो पढ़ा लिखा है मगर उसकी किस्मत उसकी शादी के बाद से ही उससे रूठ कर चली गई है.

मनोरमा ने कहा- उसकी नौकरी के लिए कोशिश क्यों नहीं करती हो?
वो बोली- जितनी भी कर सकती थी, कर चुकी. अब आप ही देखिए, मैं नौकरी के साथ चुत से कमाई कर रही हूँ ताकि कुछ पैसे बचा कर अपनी लड़की की शादी कर सकूँ. मेरा लड़का तो पूरा कामचोर है.

मनोरमा ने कहा- ठीक है उसे यहाँ ले कर आना.. मैं देखती हूँ कि उसको किस जगह और कौन से नौकरी दिलवा सकूँ.
ये सुन कर गीता बहुत खुश हुई और अगले ही दिन अपने लड़के को अपने साथ ले कर आई.

मनोरमा ने देखा कि वो काफ़ी सुंदर था और पता नहीं उसने किस लिए अपनी बीवी के साथ यह सब किया जब कि बीवी भी बहुत खूबसूरत थी.

एक बार तो मनोरमा का दिल भी बेईमान हो गया था कि इससे चुद लूँ मगर उसने अपने मन को काबू में कर लिया.
मनोरमा ने उससे कहा- मुझे कल मिलना, यहाँ नहीं पहले मैं तुम्हारा टेस्ट लूँगी. तुम इस पते पर आ जाना.
वो बोला- मैडम कल तो सनडे है.
मनोरमा ने कहा- मुझे पता है तभी तो तुम्हें वहाँ पर बुलाया है. मगर टाइम पर आ जाना, यह समझ कर कि ऑफिस जा रहा हूँ.

अगले दिन वो ठीक 9 बजे आ गया. उसे मनोरमा ने अपने घर पर बुलाया था. उसने पूछा तो कहा कि तुम आराम से बैठो, किसी किस्म की टेंशन ना लो.

आज मनोरमा का दिल पूरा बेईमान हो चुका था, कल तो वो ऑफिस में थी मगर आज उसे कोई रोकने वाला नहीं था.
उसने पूछा- क्या ड्रिंक करते हो?
वो बोला- मैडम झूठ नहीं बोलूँगा, करता था मगर अब इतने पैसे ही नहीं है कि पीने की सोच भी सकूँ.
मनोरमा ने कहा- ठीक है.

मनोरमा ने उसके लिए एक बड़ा पैग बनाया और बोली कि लो आज अपने अरमान पूरे करो.
वो बोला- मेम आप नहीं लेंगी?
मनोरमा ने कहा- लूँगी मगर बाद में.. अभी तुम पियो.

उसने पूरा पैग एक मिनट में खाली कर दिया. मनोरमा ने उसे इस तरह से चार पैग बड़े बड़े पिला दिए. फिर उससे पूछा कि मैंने सुना है कि तुम्हारी बीवी कुछ लोगों के साथ में सेक्स करती थी.
वो मनोरमा की तरफ देख कर कुछ नहीं बोल पाया. उसने पूछा- आपको ये सब किसने बताया है?
मनोरमा ने कहा- तुम्हारी बहन और माँ ने.

वो रोने लग गया और बोला- हां, मैंने आज तक जो उसके साथ किया था. उसी की सजा भुगत रहा हूँ. उसको मैंने ही फँसा कर बदनाम करके छोड़ दिया था. वो बेचारी तो रोती रही थी और मुझसे बोलती रही कि मैं तुम्हारी बीवी हूँ.. मुझे इन दरिंदों से बचा लो. मगर मुझ पर बदले की आग ऐसे लगी हुई थी कि मैं उसकी कुछ ना सुन सका. मगर उस दिन के बाद हमारी किस्मत भी वो अपने साथ ले कर चली गई या यह कहूँ कि मैंने अपनी किस्मत भी उसके साथ भेज दी.

मनोरमा- तुम्हारी कोई दोस्त है.. मेरा मतलब कोई लड़की?
‘नहीं मेम कोई नहीं है.’
मनोरमा- इसका मतलब कि अब तुम किसी काम के नहीं रहे. तुम्हारा हथियार भी निकम्मा हो चुका होगा.

आप मेरी कहानी बदले की आग के लिए अपने ईमेल भेज सकते हैं.
pchoprap000@gmail.com
मेरी ये सच्ची चुदाई की कहानी जारी है.


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